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Männliche und weibliche Tugend
Platon
| Σωκράτης |
Πότερον |
δὲ |
περὶ |
ἀρετῆς |
μόνον |
| Sokrates: |
Welches-von-beiden |
aber |
um-herum |
Tauglichkeiten |
nur |
| σοι |
οὑτω |
δοκεῖ, |
ὦ |
Μένων, |
ἢ |
καὶ |
περὶ |
ὑγιείας |
| dir |
so |
scheint, |
oh |
Menon, |
oder |
und |
um-herum |
Gesundheiten |
| καὶ |
περὶ |
ἰσχύος |
καὶ |
τῶν |
ἅλλων; |
Ἄλλη |
μὲν |
| und |
um-herum |
Kraft |
und |
der |
anderen? |
Andere |
zwar |
| ἀνδρὸς |
δοκεῖ |
σοι |
εἶναι |
ὑγίεια, |
ἅλλη |
δὲ |
γυναικός, |
| Mannes |
scheint |
dir |
zu-sein |
Gesundheit, |
andere |
aber |
Frau~ος, |
| ἢ |
τὸ |
αὐτό, |
εἴτε |
ἐν |
ἀνδρί, |
εἴτε |
ἐν |
γυναικί; |
| oder |
das |
selbe, |
sei-es |
in |
Manne, |
sei-es |
in |
Frau~ι? |
| Μένων |
Ἡ |
αὐτή |
μοι |
δοκεῖ |
ὑγίειά |
γε |
εἶναι |
καὶ |
| Menon |
Die |
selbe |
mir |
scheint |
Gesundheit |
wenigstens |
zu-sein |
und |
| ἀνδρὸς |
καὶ |
γυναικός. |
| Mannes |
und |
Frau~ος. |
| Σω. |
Ἡ |
δὲ |
ἀρετὴ |
διαφέρει |
τι, |
εἴτε |
ἐν |
παιδὶ |
| So. |
Die |
aber |
Tauglichkeit |
unterscheidet |
irgendwie, |
sei-es |
in |
Kind |
| εἴτε |
ἐν |
πρεσβυτέρῳ |
εἴτε |
ἐν |
γυναικὶ |
εἴτε |
ἐν |
ἀνδρί; |
| sei-es |
in |
Älteren |
sei-es |
in |
Frau |
sei-es |
in |
Manne? |
| Με. |
Ἔμοιγέ |
πως |
δοκεῖ, |
ὦ |
Σώκρατες, |
τοῦτο |
| Me. |
MIR |
irgendwie |
scheint, |
oh |
Sokrates, |
dieses |
| οὐκέτι |
ὅμοιον |
εἶναι |
τοῖς |
ἄλλοις. |
| nicht-mehr |
ähnlich |
zu-sein |
den |
anderen. |
| Σω. |
Τί |
δέ; |
οὐκ |
ἀνδρῶν |
μὲν |
ἀρετὴν |
ἔλεγες |
| So. |
Was |
aber? |
Nicht |
Männer |
zwar |
Tauglichkeit |
sagtest |
| πόλιν |
εὖ |
ἐπιτροπεύειν, |
γυναικῶν |
δὲ |
οἰκίαν; |
| Stadt |
gut |
zu-beaufsichtigen, |
Frauen |
aber |
Haus? |
| Σω. |
Ἆρʹ |
οὖν |
ἔξεστιν |
ἀνδράσιν |
ἢ |
γυναιξὶν |
| So. |
Ar’ |
also |
möglich-ist |
Männern |
oder |
Frauen |
| εὖ |
ἐπιτροπεύειν |
ἢ |
πόλιν |
ἢ |
οἰκίαν |
ἢ |
ἄλλο |
τι |
| gut |
zu-baufsichtigen |
oder |
Stadt |
oder |
Haus |
oder |
anderes |
irgendwie |
| εἰ |
μὴ |
σωφρόνως |
καὶ |
δικαίως; |
| wenn |
nicht |
besonnen |
und |
gerecht? |
| Με. |
Οὐ |
δῆτα. |
| Me. |
Nicht |
wirklich. |
| Σω. |
Οὐκοῦν |
εἰ |
δικαίως |
καὶ |
σωφρόνως |
ἐπιτροπεύουσιν, |
| So. |
Folglich |
wenn |
gerecht |
und |
besonnen |
beaufsichtigen, |
| δικαιοσύνῃ |
καὶ |
σωφροσύνῃ |
ἐπιτροπεύσουσιν; |
| Gerechtigkeit |
und |
Besonnenheit |
beaufsichtigen-werden? |
| Σω. |
Τῶν |
αὐτῶν |
ἄρα |
ἀμφότεροι |
δέονται, |
εἴπερ |
| So. |
Der |
selbigen |
also |
beide |
brauchen, |
wenn-also |
| μέλλουσιν |
ἀγαθοὶ |
εἶναι, |
καὶ |
ἡ |
γυνὴ |
καὶ |
| wollen |
gute |
zu-sein, |
und |
die |
Frau |
und |
| ὁ |
ἀνήρ, |
δικαιοσύνης |
καὶ |
σωφροσύνης. |
| der |
Mann, |
Gerechtigkeit |
und |
Besonnenheit. |
| Με. |
Φαίνονται. |
| Me. |
Zeigen-sie-sich. |
| Σω. |
Τῷ |
αὐτῷ |
ἄρα |
τρόπῳ |
πάντες |
οἱ |
ἄνθρωποι |
| So. |
Den |
selben |
also |
Art |
alles |
die |
Menschen |